स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करे, health in hindi tips

स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करे, health in hindi tips

स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करे, health in hindi tips

स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करे, health in hindi tips



अच्छा स्वास्थ्य सभी खुशी के सार हैं.

दोस्तों अगर आपकी स्वास्थ
(Health) अच्छा नहीं है तो आप रोज रोज बीमार पड़ते हैं तो आपकी जिंदगी नर्क जैसा बन जाती है। इसलिए दोस्तों स्वस्थ(Health) के बारे में पूरी तरह से जानकारी होना बहुत ही जरूरी है।स्वस्थ(Health) रहने का मतलब यह होता है कि हमारे जीवन में आने वाली मानसिक सामाजिक शारीरिक चुनौती का प्रबंधन करने में सक्षम हो। दोस्तों आज के समय मे अपने आपको स्वस्थ(Healthy )  रखने के बहुत आधुनिक तकनीक मौजूद हो चुकी हैं, लेकिन ये सारी उतनी अधिक कारगर नहीं हैं। 
समग्र स्वास्थ्य की परिभाषा
स्वस्थ(Health ) केवल रोग बीमारी दुर्बलता ना होने को ही नहीं बोलता है, बल्कि(Health ) पूर्ण शारीरिक सामाजिक मानसिक खुशहाली की स्थिति को बोलता  है।
स्वस्थ (Healthy)लोग किसी भी प्रकार की बीमारी की गतिविधि से सामना करने के लिए ,किसी भी परिवेश के मुताबिक खुद को अनुकूल (adapt)करने में सक्षम होता है। निरोग (Healthy) शरीर या रोग ना होना एक वांछनीय स्थिति है।लेकिन यह स्वास्थ्य (Health) का पूर्ण  परिभाषा नहीं है।स्वस्थ (Healthy) होने का वास्तविक अर्थ है। अपने आप पर ध्यान केंद्रित करते हुए जीवन जीने का स्वास्थ्य (Healthy) तरीका अपनाया जाना।
स्वास्थ्य(Health) शारीरिक, शरीर की स्थिति को दर्शाता है। जिस में इसकी विकास, संरचना,  रखरखाव कार्यप्रणाली शामिल होता है। यह(Health) एक व्यक्ति का सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए एक सामान्य स्थिति है। यह(Health) एक जीव के कार्यात्मक और चयापचय क्षमता का एक स्तर भी है। अच्छे शारीरिक स्वास्थ्य(Health) को सुनिश्चित करने के कुछ निम्नलिखित तरीके हैं :-
  •  मीठी श्वास व(deep sleep) गहरी नींद, संतुलित (balanced dietary )आहार की आदतें।
  • संतुलित( balanced body) शारीरिक गतिविधियां व बड़ी (large intestine)आंत की नियमित गतिविधि।
  • नाड़ी स्पंदन,(Pulse pulse) रक्तदाब,(blood pressure,) शरीर का भार व व्यायाम सहनशीलता आदि सब कुछ व्यक्ति के आकार, आयु व लिंग(Age and gender) के लिए सामान्य मानकों के अनुसार होना चाहिए।
  • शरीर( body) के सभी अंग सामान्य आकार के हों व उचित रूप से कार्य(functioning ) कर रहे हों।

हमारे भावनात्मक व आध्यात्मिक स्थिति हैं।  मानसिक स्वास्थ्य(health) का अर्थ। जो हमें अपने जीवन में (despair, pain,)निराशा, दर्द, और उदासी की स्थितियों में जीवित(alive) रहने के लिए सक्षम बनाती है।
मानसिक स्वास्थ्य(Mental health) हमारी जीवन की ढ़ेर सारी माँगों व   भावनाओं को व्यक्त करने के प्रति  क्षमता है। इसे (Mental health)अच्छा बनाए रखने के कुछ निम्नलिखित तरीके हैं:-
  • (Happiness) प्रसन्नता,
  • (Peace and tranquility) शांति व व्यवहार में प्रफुल्लता
  • (Self-satisfaction) आत्म-संतुष्टि
  • भीतर ही भीतर कोई भावात्मक(emotional) संघर्ष न हो 
  •  मन की(Balanced state of mind) संतुलित अवस्था।
बौद्धिक स्वास्थ्य(Intellectual health) किसी के भी जीवन को बढ़ाने के लिए कौशल और ज्ञान(knowledge ) को विकसित करने के लिए क्षमता है। बौद्धिक स्वास्थ्य (Intellectual health)बौद्धिक क्षमता को हमारी रचनात्मकता को प्रोत्साहित व  हमारे निर्णय लेने की क्षमता( improving decision) में सुधार करने में मदद करता है।

समायोजन करने वाली बुद्धि(Adjusting intelligence), आलोचना को स्वीकार(Acceptance of criticism) कर सके व आसानी से व्यथित न हो।

दूसरों की भावात्मक(Emotional) आवश्यकताओं की समझ, सभी प्रकार के व्यवहारों में शिष्ट(suave) रहना व दूसरों की आवश्यकताओं(needs ) को ध्यान में रखना, नए विचारों के लिए खुलापन, (high emotional intelligence)उच्च भावात्मक बुद्धि।

आत्म-संयम(self-control), भय( fear), क्रोध( anger), मोह(attachment), जलन, अपराधबोध या चिंता के वश में न हो। लोभ(greed) के वश में न हो तथा समस्याओं(problems ) का सामना करने व उनका बौद्धिक समाधान तलाशने में निपुण हो।


हमारा स्वास्थ्य(Health ) आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ हुए बिना अधूरा है। जीवन के  उद्देश्य  और अर्थ की तलाश करना हमें (Spiritual)आध्यात्मिक बनाता है। आध्यात्मिक स्वास्थ्य(Spiritual health) हमारे निजी मान्यताओं व  मूल्यों को दर्शाता है। अच्छे आध्यात्मिक स्वास्थ्य(Spiritual health) को प्राप्त करने का कोई निर्धारित तरीका नहीं है। यह हमारे अस्तित्व की समझ के बारे में(There is a way to look deep inside you) अपने अंदर गहराई से देखने का एक तरीका है।

समुचित ज्ञान(Proper knowledge) की प्राप्ति तथा स्वयं को एक आत्मा(soul) के रूप में जानने का निरंतर बोध।
डॉक्टर के(Stay in constant touch.)निरंतर संपर्क में रहना।खुद को जानने व अनुभव करने वाली आत्मा(soul ) सदैव शांत व पवित्र होगी।

खुद की  शरीर सहित इस भौतिक जगत(Physical universe) की किसी भी वस्तु से मोह न रखना।

दूसरी आत्माओं(soul ) के प्रभाव में आए बिना उनसे भाईचारे(companionship) का नाता रखना।

सामाजिक स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करे, health in hindi tips

हम(Social organism) सामाजिक जीव हैं अतः संतोषजनक रिश्ते(relations) का निर्माण करना और उसे बनाए रखना हमें स्वाभाविक रूप से आता है। सामाजिक(Social) रूप से सबके द्वारा स्वीकार किया जाना हमारे (Emotional well-being)भावनात्मक खुशहाली के लिए अच्छी तरह जुड़ा हुआ है।

मित्रता(friendships ) ऐसी करें जो संतोषप्रद व दीर्घकालिक हो।
परिवार व समाज(Family and society) से जुड़े संबंधों को हार्दिक व अक्षुण्ण बनाए रखें
अपनी व्यक्तिगत(Your personal) क्षमता के अनुसार समाज के कल्याण के लिए कार्य करना।

ज्यादातर लोग अच्छे स्वास्थ्य(health ) के महत्त्व को नहीं समझते हैं। और अगर समझते भी हैं तो वे अभी तक इसकी(Of Health ) उपेक्षा कर रहे हैं। हम जब भी स्वास्थ्य(Health ) की बात करते हैं तो हमारा ध्यान (To physical health)शारीरिक स्वास्थ्य तक ही सीमित रहता है। अच्छे स्वास्थ्य(Good health) की आवश्यकता हम सबको है। अतः हमें इस आवश्यक वस्तु के बारे में (Think seriously)गंभीरता से सोचना चाहिए। एक व्यक्ति को स्वस्थ(Healthy ) तब कहा जाता है जब उसका शरीर स्वस्थ और मन साफ और शांत हो। 

आयुर्वेद के अनुसार स्वास्थ्य की देखभाल कैसे करे, health in hindi tips 

स्वास्थ्य(Health ) की आयुर्वेद सम्मत अवधारणा बहुत व्यापक है। आयुर्वेद(Ayurveda) में स्वास्थ्य की अवस्था, अथवा प्रकृति व  मानवीय गठन में प्राकृतिक सामंजस्य। और अस्वास्थ्य या रोग की अवस्था को, प्राकृतिक सामंजस्य से बिगाड़ कहा जाता है। चिकित्सक का कार्य रोगात्मक चक्र में हस्तक्षेप करके (Natural equilibrium)प्राकृतिक सन्तुलन को कायम करना, और उचित आहार और औषधि की सहायता से स्वास्थ्य(Health ) प्रक्रिया को दुबारा शुरू करना है। औषधि का कार्य(Lost balance) खोए हुए सन्तुलन को फिर से प्राप्त करने के लिए प्रकृति की सहायता करना है। आयुर्वेदिक(Ayurveda) मनीषियों के अनुसार उपचार स्वयं प्रकृति से प्रभावित होता है, (Doctor and medicine)चिकित्सक और औषधि इस प्रक्रिया में सहायता-भर करते हैं।

आइए जानते हैं, स्वास्थ्य के बारे में कुछ टिप्स :-

1  खाद्य पदार्थों से रक्त शर्करा को नियंत्रित करें
2  चेहरे और त्वचा के काले दाग हटाने के घरेलू उपाय,
3 तैलीय त्वचा के लिए घरेलू उपचार,
4  बालों का झड़ना कैसे रोकें
5  यौन रोग

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